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हां, डर लगता है मुझे,

हमारे सपने हमारी पहचान: the concept of nature

यह दुनिया सपने से भरी हुई है, कितनों के सपने पूरे होते हैं और कितनों के नहीं हो पाते हैं। पर सपने देखना एक कांसेप्ट है लाइफ का। एक बहुत ही अहम पहलू है हमारे जीवन का। अब बात आती है की सपने कैसे प्रभावित करते हैं हमारे लाइफ को। यह कितना अहम रोल प्ले करते हैं हमारे लाइफ में। बस इसी कांसेप्ट को समझने के लिए इस ब्लॉग पोस्ट का निर्माण किया है मैंने।

क्या कभी आपने यह सोचा है अगर जीवन से सपना गायब हो जाए तो क्या होगा। कभी सोचा है बिना सपनों का जीवन कैसा होगा। मैं मानता हूं बिना सपनों का जीवन जैसे बिना चासनी का गुलाब जामुन। अगर जीवन से सपना गायब हो जाए तो उनके साथ-साथ चले जाएगा इंसान का उमंग, कुछ करने की इच्छा, कुछ पाने की इच्छा यह सब खत्म हो जाएगा आप समझ पा रहे हैं इच्छाओं का नाश हो जाने से सब कुछ एकदम से ठहर सा जाएगा। जब इच्छाएं ही नहीं होगी जब डिमांड ही नहीं होगा तो इंसान और पशु में बहुत अंतर नहीं होगा।

हमारे सपने जन्म देते हैं हमारी इच्छाओं को और हमें प्रेरित करते हैं उत्साहित करते हैं और हम मैं एनर्जी भरते हैं उन्हें इच्छाओं को पूरा करने के लिए। इन इच्छाओं को पूरा करने के लिए जो हम प्रयास करते हैं उसे प्रयास से हम ही नहीं हमारे साथ-साथ हमारा समाज हमारा देश आगे बढ़ता है उन्नति करता है।

मैंने अक्सर देखा है उन सपनों को पूरा होते हुए जिनके लिए इच्छाएं प्रबल होती। हम सपने तो देखते हैं लेकिन हम में उन सपनों को पूरा करने की इच्छाएं प्रबल नहीं होती इस कारण हम अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते। जिन भी लोगों में संकल्प शक्ति, इच्छा शक्ति प्रबल होती है वह अपने जीवन काल में अपने सारे सपनों को पूरा कर लेते हैं।

मैं तो यह कहूंगा। हो सके उतने बड़े और अच्छे सपने देखें क्योंकि यह प्रकृति का नियम है की जो हम चाहते हैं वह हमें बहुत संघर्ष से मिलता है। और जो संघर्ष से मिलता है वह पूरी तरह पूर्ण नहीं होता उसमें कमी तो होती ही है। अगर आज आप 10 लाख का सपना देख रहे हैं तो यह प्रकृति पूरा प्रयास करेगी की आपको एक लाख से ऊपर ना जाने दे। इसलिए इस प्रकृति के नियम को समझ कर मानकर जितना हो सके उतने बड़े सपने देखे। एक करोड़, दो करोड़ नहीं 100 करोड़, हजार करोड़ के सपने देखे। हो सकता है कुछ लोग अपने इन सपनों को प्राप्त भी कर ले पर जिनको अपने सपने प्राप्त नहीं होंगे वह भी उस मुकाम पर होंगे जिस मुकाम पर सुख, समृद्धि, खुशी, शांति, वैभव की कोई कमी नहीं होगी।

इसलिए मैं कहूंगा सपने देखो और उन सपनों को पूरा करने के लिए अपनी इच्छा शक्ति को, अपनी संकल्प शक्ति को प्रबल करो। और पूरे जी और जान से लग जाओ अपने सपनों को पूरा करने के लिए। आपको इस बात का एहसास भी नहीं होगा की कब प्रयास करते-करते अपने अपने सपने को प्राप्त कर लिया।

और और अंत में यह हमारे सपने ही है जो हमें एहसास करते हैं कि हम जीवित है। सपने विहीन जीवन एक पाषाण की तर है जिसे जिया तो जा सकता है लेकिन भोगा नहीं जा सकता।

सपने खुली आंखों से देखो, अपने चेतन मन से देखो और अपनी पूरी ऊर्जा लगा दो उन सपनों को पूरा करने के लिए।

अपने इस जीवन में हर उसे चीज का सौदा कर सकते हो जिसके लिए आप सक्षम हो। पर अपने सपनों का सौदा कभी मत करना क्योंकि जिस दिन इन सपनों को आपसे छीन लिया जाएगा ना उसे दिन महसूस होगा की जीवन में करने के लिए कुछ है ही नहीं। 

मैं तो मानता हूं इस पूरे संसार में सपनों से अधिक मूल्यवान शायद ही कुछ होगा।

।। जय श्री कृष्णा ।।

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